Rangnath Dubey's Poems
Tuesday, 29 July 2025
रोटी गाती रही
(रोटी गाती रही)
भूखी माँ सूबह तलक---------
भूख से बिलबिलाती बेटी के लिये,,,,,,,,,
लोरी गाती रही।
पड़ोसियो ने कहा बेटी मर गई-------
ऐ,रंग----वे इस सबसे बेखबर-------
कहके चाँद को रोटी गाती रही।
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