हम घर बार छोड़ आए
जब से हम हुए
और हमारी फैमिली हुई
तब से हम अपना परिवार छोड़ आए
मां के ना रहने पर
बड़ी भाभी
अपने बेटे से ज्यादा मानती थी
कभी शिकायत नहीं कि उसने
कि लल्ला
तुम अपनी भाभी की आंखों में इंतजार छोड़ आए
भैया चुप रहे
बस कर्ज लेते रहे
खुद के बेटे का हिस्सा नहीं देखा
मेरी काबिलियत
कितनी बेवफा निकली
कि हम उनकी उम्मीदों का
हर उधार छोड़ आए.
हां फ्लैट में कैद हूं
एक फोन आया था भाभी का
कि लल्ला तेरे भैया नहीं रहे
बड़ी इच्छा थी आ जाते
फिर दोनों तरफ
एक मौन
फ्लाइट पकड़ घर के बाहर खड़ा हुआ
तो लगा कि भैया
ने पूछा कैसे हो लल्ला
फिर उनकी लाश से लिपट
के बुदबुदा उठा
देर कर दी भैया माफ करना
अरे पगले
माफी कैसी तू खुश हैं
मैं खुश हूं
क्या हुआ?
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