रेखा---
शहरयार और रुसवा की,
किताब बनके रह गई.
वे घुंघरू,नजाकत के लिये मशहूर हुई,
लेकिन उसके अंदर की औरत,
हके मोहब्बत को तड़पती रही,
वे साँसे खुदकुशी,
और मोहब्बत के सिरहाने,
अपने ही कब्र का-------
एक चराग बनके रह गई.
@@@रंगनाथ द्विवेदी.
Mo.no.7800824758
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