Sunday, 17 May 2026

दालमंडी

शहर इतना तोड़ा गया 
की मंदिर की सीढ़ियां
और मस्जिद का चबूतरा तक 
ना छोड़ा गया 
हाय! रे दालमंडी 
तुम्हारी यादें सिसकेंगी 

No comments:

Post a Comment