Friday, 31 January 2020

लघु-व्यंग्य---(लव की डायबिटीज)

लघु-व्यंग्य    
              (लव की डायबिटीज)

जी हां अक्सर मेरी वाइफ से लव की डायबिटीज घटती-बढ़ती रहती है.जबकि मै इस डायबिटीज से बचने के लिये तमाम परहेज करता रहता हूं,लेकिन फिर भी मेरे इस मैराथन प्रयास की इन्सुलिन फेल हो जाती है.

 इसका मुल कारण "उसकी सुंदरता का वे उतप्लावन बल है, जिसकी गुरुत्वाकर्षण बल का मै पिड़ित या शिकार हूं". उसकी सुंदरता से परहेज कर पाना बहुत मुश्किल है! क्योकि जब कभी मेरी नज़र उसके-"रुप-लावण्य की रसमलाई या रसगुल्ले पे पड़ती है ,तो मै बरबस अपनी वाइफ के लव के डायबिटीज का एकाध पीस मार बैठता हूं"

ये मेरी वाइफ का हसबैंड को लव की डायबिटीज से पिड़ित करने, का गुण उसे अपनी माँ से मिला है.ये मुझे पहले तो नही लेकिन शादी के बाद समझ मे आया.क्योंकि इस समय लव की डायबिटीज से पिड़ित मै जितना स्मार्ट व सुंदर लग रहा हूं,उतने ही स्मार्ट व सुंदर मेरी शादी के समय मेरे ससुर लग रहे थे.

वैसे अभी तलक वाइफ के लव की डायबिटीज से बचने का कोई सक्सेस इलाज पुरी दुनिया मे नही खोजा जा सका है.बस इतना गर संभव हो सके तो करे कि अपनी व्यूटीफुल वाइफ को कम से कम मेकअप करते हुये देखे. क्योंकि वाइफ से लव के डायबिटीज की शुरुआत ही--"फेरन लवली,लोटस की लिपस्टिक व लैकमे के काजल से होती है". 

यह लघुव्यंग्य मेरा स्व-लिखित व अप्रकाशित है.

@@@लेखक---रंगनाथ द्विवेदी.
जज कालोनी, मियाँपुर
जिला--जौनपुर 222002 (U P)
Mo.no.7800824758

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