Rangnath Dubey's Poems
Thursday, 11 February 2021
(लोकतंत्र )
(लोकतंत्र)
आम आदमी को दिल मे पैबस्त करती है,
ये झुठ के सारे मुल्लमे ध्वस्त करती है।
ऐ,रंग----लोकतंत्र मे लोक इसकी आत्मा है।
ये वोट दे खुद को स्पष्ट करती है।
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