Sunday, 14 February 2021

व्यंग्य---( विद्वान कहलवाने की ठेलम-ठेल )

व्यंग्य----(विद्वान क़हलवाने की ठेलम-ठेल )

इस समय हमारे पूरे देश में खुद को विद्वान कहलवाने  की एक अजीब सी ठेलम-ठेल मची हुई है. उस पर भी तुर्रा यह है कि अगर आपने गलती से या भूल से किसी को विद्वान कह दिया तो यह 24 कैरेट सच मानिए की वह व्यक्ति आपकी इस उपमा से इतना डिस्टर्ब हो जाएगा कि उसे किसी अन्य व्यक्ति के नेटवर्क में,आने के लिए चार से छ महीने लग जाएंगे. लेकिन वे  फिर कभी आपके नेटवर्क में आ पाएगा या नहीं इसकी कोई संभावना नहीं.

दरअसल आजकल ऐसे तथाकथित विद्वान कुकुरमुत्ते की तरह, हर क्षेत्र में बहुतायत की संख्या में हो गए हैं.चाहे वह साहित्य का क्षेत्र हो, राजनीति का क्षेत्र हो या फिर बाबागिरी का. सबकी अपनी अलग-अलग एक स्वादिष्ट विद्वता है, ऐसे ही विद्वानों में अगर किसी की डिजिटल विद्वता वायरल हो गई तो समझिये एक तरह से इनके विद्वता की बल्ले बल्ले है. अगर काम चलाऊ टाइप की विद्वता है तब भी हालांकि कोई खराबी नहीं.

स्थापित ना हो पाने वाले विद्वानो के दिल पर क्या गुजरती है, यह वही विद्वान समझ सकता है, जिसको की दो-चार लोगों ने कभी भी विद्वान नहीं कहा है. मेरी जानकारी में एक ऐसे ही होनहार विद्वान मिल गए जिनकी फोटो एकाध माला के साथ शायद गलती से किसी अखबार में छप गई, उन्होंने इस अखबार की कई प्रतियां ना सिर्फ खरीदी, बल्कि इस अखबार में  छपी अपनी फोटो को पूरे क्षेत्र में तब तलक दिखाया जब तलक की उस क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक व्यक्तियों ने उन्हें विद्वान नहीं कह दिया.

जितने लोगों ने उन्हें उस दिन विद्वान कहा था उन व्यक्तियों के पूरे नाम को उन्होंने अपनी होनहार मेमोरी में कुछ इस तरह रट लिया था जैसे बचपन में किसी बच्चे ने अपने स्कूल की एबीसीडी रट ली हो,  उन्होंने इतना ही नहीं किया बल्कि, उनके प्रति अपना नैसर्गिक आचरण भी बदल लिया वे क्षेत्र के ऐसे व्यक्तियों से इस तरह मिलने लगे जैसे किसी व्यक्ति को वृद्धावस्था में शिलाजीत ने रिएक्शन कर दिया हो.

अतः यह मेरा व्यक्तिगत मशवरा है कि किसी भी व्यक्ति को विद्वान कहने से पूर्व अपनी बुद्धि का डिजिटल टेस्ट कर ले, उसके बाद ही किसी व्यक्ति को विद्वान कहने का रिस्क ले, क्योंकि यह एक खतरनाक राष्ट्रीय गलती है.


यह व्यंग्य मेरा स्वलिखित व अप्रकाशित है.



लेखक--रंगनाथ द्विवेदी
जज कॉलोनी, मियांपुर
जिला--जौनपुर 222002 (U P)
mo.no.7800824758

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