Sunday, 21 February 2021

(आवारा शाम हूं )

(एक आवारा शाम हूं )
धुँधला जाते है एै "रंग"----------
मेरी आगोश मे चेहरे,
मै शरीफ़ो के शहर की----
एक आवारा शाम हूं ।

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