Rangnath Dubey's Poems
Thursday, 11 February 2021
(तारे ज़मी पर )
(तारे ज़मी पर)
ना समझना कभी बोझ-इनको अपने पापा-मम्मी पर,
ना हँसना कभी दोस्त इनकी कमी पर।
हासिल करेंगे ये भी सारी सफलता------------
जब चमकेंगे एक दिन ये तारे ज़मी पर।
@@विकलाँग(दिव्यांग) बच्चो के प्यार व स्नेह को समर्पित एक रचना।
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