यहाँ चराग नही जलते,
कोई चादर नही चढ़ती!
ये शहर की मशह़ूर तवायफ़ की कब्र है.
आज भी करती है,ये रुहें मूज़रा,
फिर फूट के रोती है.
ऐ,रंग---
बस आ जाते है खिज़ा में,
दरख्त़ो के चंद पत्ते------
आवारगी करने।
ये शहर की मशह़ूर तवायफ़ की कब्र है.
@@@ रंगनाथ द्विवेदी
जज कालोनी, मियांपुर
जिला--जौनपुर (U P)
Mo. no. 7800824758
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