Tuesday, 20 September 2022

( दो घाव हो गए)

जीन उरोजों को ढ़क, 
वे मासूम देखती थी, 
कभी वात्सल्य का सपना, 
 ए "रंग"-------

उसके वही दोनों उरोज, 
गरीबी के चलते, 
दो घाव हो गए. 

@@@ रंगनाथ द्विवेदी, 
जट कॉलोनी, मियापुर
जौनपुर उत्तर प्रदेश
मोबाइल नंबर--7800824758

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