Tuesday, 27 September 2022

(हर शख्स़ अकेला है)
बड़ा हूज़ुम,बड़ा रेला है------
ये हर शहर का मेला है।
सभी लौट जायेगे दफ्ऩ कर मईयत,,,,,,,,,
ऐ,रंग----बारी-बारी यहाँ-----
हर शख्स़ अकेला है।

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