Sunday, 22 January 2023

(26 जनवरी है)
कीटनाशक पी के-----------
अभी ख़ुदकुशी किये किसान की लाश,
उसके खेत की मेड़ पे पड़ी है-----------
सुना है आज 26 जनवरी है।
एकटक तके जा रही उसकी बिटिया,
अपने बापु की लाश को,
क्या करे बेचारी रो भी तो नही सकती,
अपने भाई और बहनो मे सबसे बड़ी है,
तभी वे अपने जवान सिने से दुपट्टा उतार,
ढ़कती है अपने बापु की लाश,
उसकी पैबन्द लगी सलवार का यू नंगा होना,
साबित करता है कि----------
अभी बहुतो से दुर इस देश मे 26 जनवरी है।
बस कुछ देश लुटने वाले घंटो बोलेंगे भाषण देंगे,
इशारो पे तालियाँ बजाई जायेगी,
इन्ही के अगल- बगल किमती सोफे होगे,
पांव तले मसलने को दरी होगी,
शायद एै "रंग" इतने ही लोगो तलक पहुँची-----
हमारे इस देश की 26 जनवरी है।

@@@रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर(उत्तर-प्रदेश)।
mo.no.-----7800824758

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