Rangnath Dubey's Poems
Wednesday, 11 January 2023
ठंड मे सरकारी अलाव के क्या हाल है एक ठंड की रात ने स्पष्ट कर दिया
(जला अलाव देखा है)
ठंड मे---------
अकड़ के मरे हुये बुढ़े का हमने घाव देखा है!
बंद करो------
ये तवायफ़ी अखबारबाजी अपनी,
बस तुम्हारें पहले पेज पे ही हमने--------
शहर मे जला अलाव देखा है।
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