Rangnath Dubey's Poems
Sunday, 22 January 2023
(वंदे मातरम गाये)
शहीद की लाश को
जब गाँव दफनाये,
तो वंदे मातरम गाये!
ना बीबी तोड़े चुड़ी,
ना आँसू बहाये--
माँ भी हँसती हुई मेरी
सभी के सामने आये!
ऐ,रंग--
इस शहीद की है आखिरी इच्छा,
सरहद पे मेरा बेटा भी--
होके लहू-लुहान
वंदे मातरम गाये"
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