व्यंग्य के इस महाग्रंथ के आदरणीय संपादक श्री ललित सर, राजेश सर के साथ ही इंडिया नेटबुक्स और इस पुस्तक के प्रकाशक संजीव जी का दिल से आभार.
ऐसे ख्वातिलब्ध वरिष्ठ व्यंग्यकारों के अंतरराष्ट्रीय संकलन में, जनपद जौनपुर (उत्तर प्रदेश ) का मुझ जैसा एक अदना सा कलम का विरवा भी शामिल है, यह एक तरह से हमें और हमारे लेखन के लिए गौरवान्वित करने वाला क्षण है.
ऐसे में मैं अपने समस्त वरिष्ठ जनों को अपना प्रणाम प्रेषित करता हूं.🌹🌹🙏🙏
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