Rangnath Dubey's Poems
Friday, 17 March 2023
(आईना रो दे)
मेरी आरज़ू का ऐ खूँ करने वाली,
खुदा करे!कल तेरे हाथो कि हिना रो दे।
तु जब सँवरने के लिये हो आईने के रुबरु,
मेरी वफ़ा का अक्स़ उभरे-----------
और तेरी कमीनगी पे आईना रो दे।
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment