Rangnath Dubey's Poems
Thursday, 30 March 2023
(आईना रो दे)
ए मेंरी आरज़ू का खूँ करने वाली,
खुदा करे!
कि कल तेरे हाथो की हिना रो दे।
और जब तु
सँवरने के लिये हो आईने के रुबरु,
मेरी वफ़ा का अक्स़ उभरे---
और तेरी कमीनगी पे आईना रो दे।
@Rangnath dubey
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