Saturday, 25 March 2023

(माँ की तरह बात करती है)
गर आँखे बांध के भी थमाओगे,
मेरे मुल्क़ की मिट्टी!
तब भी मै उसकी छुवन से पहचान जाऊँगा,
क्यूँकि ऐ,रंग---एकलौता है मेरा मुल्क़,
जहाँ की मिट्टी भी-----------
माँ की तरह बात करती है।

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