Saturday, 21 February 2026

आवाज रख दे

ऐ वक्त––
अपनी शहनाई
और साज रख दे!

माथे पे इसके 
तू अपना हाथ रख दे !

इस रेडियो के "जफर" ने 
ताजिंदगी आवाज दी है
इसके सिरहाने
"गीतमाला" ना सही 
तो तू 
किसी के सिसकने कि
आवाज रख दे .

अलविदा अमीन सयानी 😢😢🙏🙏

No comments:

Post a Comment