Monday, 23 February 2026

(आवारा शाम हूं)

(एक आवारा शाम हूं )

धुँधला जाते है,ऐ "रंग"
मेरी आगोश मे चेहरे,मै शरीफ़ो के शहर की,एक आवारा शाम हूं.

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