व्यंग्य----(होली में मोहब्बत के एक्सीडेंट )
भारत में होली अर्थात मार्च के लगने और बीतने तलक, अन्य महीने से कही ज्यादा-मोहब्बत के एक्सीडेंट देखने को मिलते है. अगर इस एक्सीडेंट को कोई--"अंग्रेजी या होम्योपैथिक तरीके से छिपाना चाहे तो नही छिपा सकता". क्योंकि पुरी दुनिया में भारत के इस होली महीने के-"एक्सीडेंट की दवा बनी ही नही ". इसकी चपेट से ग्रस्त व्यक्ति--युवा, वृद्ध, संत, नेता यहां तलक कि महिलाओ में भी इसका साइड इफेक्ट इतनी प्रचुर मात्रा में दीखता है कि कभी-कभी बुढ़िया भी अपने बहु और पोते से घिरी रहने वाली इतनी रोमांटिक हो जाती है कि वे इन सभी से अपनी निगाहें बचाकर अपने बुढ़े को इस अदा से आँख मार बैठती है कि वे अपने बीते हुये कल की होली की मोहब्बत के एक्सीडेंट की चपेट मे आकरके वे--"अपनी रोमांटिक बुढ़िया का हिमेश रेशमिया और इमरान हाशमी हो जाता है ".
होली के इस लाजबाब मोहब्बत के एक्सीडेंट का असर राजनीति मे भी दीखता है.इस एक्सीडेंट से पीड़ित हर उम्र और वय के है, ये चाहे राजनीति के कुंवारे हो या फिर शादीशुदा. होली के एक्सीडेंट का असर जब अपने चरम पर होता है तो अक्सर पक्ष और विपक्ष--"सदन और घर मे अंतर करना भूल जाता है. प्रधानमंत्री तलक को इसकी तरंग का एक्सीडेंट से ग्रसित व्यक्ति अपनी पुरी मस्ती मे भरे सदन मे आँख मारने का जादुई प्रयास 24 कैरेट की मोहब्बत के रिस्क वाले एक्सीडेंट के साथ कर सकता है". वैसे भी अन्य वर्षो की भांति इस वर्ष हमारे भारतीय लोकतंत्र की सदन सबसे अधिक इस होली रूपी मोहब्बत के एक्सीडेंट हुये. इस होली एक्सीडेंट मे सबसे अधिक लोकप्रियता पाने वाले महान लोगों मे कांग्रेस जैसी पार्टी के वे अखंड महान युवा है, जिन्हें अब शायद युवा कहना पार्टी की चाटुकारिता की खानापूर्ति भर है. अन्यथा वे अब युवा या होली जैसे मोहब्बत के होनहार एक्सीडेंट के पेसेंट नही रहे. अपितु वे अपनी पार्टी के होली रूपी त्योहार की मोहब्बत के एक एक्सीडेंट के--"वोलिनी-स्प्रे बनके रह गये ".
होली मे मोहब्बत के एक्सीडेंट से बचने के लिये तमाम--"राष्ट्रीय सावधानियों की जरूरत पड़ती है". खासकर खूबसूरत व सुन्दर औरतों को होली मे बाबा लोगो के आश्रम मे जाने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय बाबा लोगों मे मोहब्बत के एक्सीडेंट की मारक छमता पांच गुना ज्यादा बढ़ जाती है. होली मे--"इनके रोमांटिक दिल की रफ्तार किसी भी विश्व के विदेशी कार से भी ज्यादा खतरनाक होती है"अतः होली मे बाबा लोगो से बचने के लिये इनकी, --"मोहब्बत के रासायनिक परिवर्तन से काफी दुर रहे अपने रूप और सुंदरता के हाइवे पर केवल और केवल अपने पति की मोहब्बत के मिसाइल को ही लैंड होने दे ".क्योंकि होली मे ये बाबा लोग--" आपकी गृहस्थ को तबाह करने वाले बड़े आतंकवादी है, जो आपके पति के हिस्से का दिल होली मे हाईजैक कर सकते है ".
दिनांक-10/2/2020
यह व्यंग्य लेख मेरा स्व-लिखित व अप्रकाशित है.
लेखक--रंगनाथ द्विवेदी
पता--जज कालोनी, मियांपुर
जिला--जौनपुर pin. no. 222002 (U P)
Mo. no. 7800824758
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