Friday, 4 November 2022

(प्रेम कस्तुरी)
उससे दुर हूँ-----------
फिर भी नही है उससे कोई दुरी।
मेरे कानो मे सुनाई देती है-----
उसकी वे संगीतमय चुड़ि।
मेरी प्रेयसी बस कहने को प्रेयसी है,,
वरना ऐ,रंग----वे है मेरे हृदय की----
प्रेम कस्तुरी।

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