(एक दर्द कानपुर के नाम)
एै कानपुर------------
तेरे शहर में ये आँसुओ वाली ट्रेन,
हमे याद रहेगी।
ना भुलुंगा क्योकि---------
इस हादसे की मरसिया नीरज की तरह,
अब हमारे पास रहेगी।
मै जानता हु कि---------
तेरी फाइलो में गुम हो जायेगा ये दर्द,
तु सरकारी महकमा है!
पर जीना है उन घरो को ये हादसा,
उनके दिलो में आँसू रहेगा और-----
ता-उम्र ये चेहल्लुम की रात रहेगी।
एै कानपुर-----------
तेरी पटरियो से होके फिर गुजरेगी ट्रेन,
फिर उतरेंगे चढ़ेंगे मुसाफ़िर,
तेरी कानो मे---------
हर रोज एक नई आवाज़ रहेगी।
एै कानपुर----------
तेरे शहर में ये आँसुओ वाली ट्रेन,
हमें याद रहेगी।
@@@कानपुर ट्रेन हादसे पे लिखी एक गमज़दा रचना।
रचयिता----रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर।
mo.no.----7800824758
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