Monday, 21 November 2022

(पत्थर तोड़ती है)
रोटी के लिये---------
वे सारा दिन खुद को निचोड़ती है,,,,,,,
ऐ,रंग----हमारी गज़ल--------
फूटपाथ पे पत्थर तोड़ती है।

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