Rangnath Dubey's Poems
Tuesday, 4 July 2023
(बुखार में सोया है)
(पुरी रात बुखार मे सोया है)
ऐ अमीरी कहाँ तेरी तरह---------
वे किसी तीज या त्योहार मे सोया है।
अपने मासूम बच्चो के दोज़ख के लिये,,,,
ऐ रंग----एक गरीब----------
पुरी रात बुखार मे सोया है।
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