Rangnath Dubey's Poems
Saturday, 8 July 2023
(सावन चला गया)
(सावन चला गया)
झूले चले गये,कज़री चली गई------
मेहमान तो आते रहे गाँव मे लेकिन,,,,,,,
पर पहले जो आता था--------
वे पाहून चला गया।
ऐ,रंग----धीरे-धीरे ये हादसा हुआ,,,,,,,,
बारिश तो हुई लेकिन--------
गाँव से मेरे सावन चला गया।
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