Wednesday, 12 July 2023

(गजलों का बदन बेच दिया)

(गज़लो का बदन बेच दिया)

एक गरीब शायर को-
भूख ने कुछ इस कदर तोड़ा,
कि ए "रंग"

उसने रोटी के लिये,
एक रईस को---
अपनी गज़लो का बदन बेच दिया.

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