Rangnath Dubey's Poems
Wednesday, 19 July 2023
(आंखो में इज्जत का दौर था)
(आँखो मे ईज्ज़त का दौर था)
जब तलक खत का दौर था-------
तभी तलक मोहब्ब़त का दौर था,,,,,,,,,
ऐ,रंग-जिस्म़ को तकते नही थे हम--
वे आँखो मे ईज्ज़त का दौर था।
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