Sunday, 7 April 2024

(ऐतबार आए)

सलमान की सज़ा फिर जमानत यानि कानून के मंदिर का ये जर्जरपन नही तो क्या है?
                          (ऐतबार आये)
आखिर कैसे?
किसी अपराधी और अपराध मे सुधार आये.
जब एक हिरन के मारने की सज़ा..........
बीस साल बाद आये.
वाह री! कानून की दहलीज़ तेरी जय हो
कल सज़ा आज़ ज़मानत..............
आखिर कैसे?
इस देश के आखिरी शख्स़ का......
तुझपे ऐतबार आये.

@@@रचयिता.....रंगनाथ द्विवेदी.
जज कालोनी.मियाँपुर
जौनपुर.

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