इस सुंदरतम सृष्टि को------
आहुती डाल रही हूँ मै!
दोज़ख में अपने-------
नन्हा सा एक बच्चा पाल रही हूँ मै।
देगा मुझको अपना ही कोई गाली,
ये नाज़ायज है फिर भी-------
कुम्हार की मिट्टी सा,
इसको ढ़ाल रही हूँ मै।
दोज़ख मे अपने-----
नन्हा सा एक बच्चा पाल रही हूँ मै।
@@मेरी एक कुछ लंबी कविता की चंद लाइन।
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