Rangnath Dubey's Poems
Sunday, 7 April 2024
जोक
आइए हम सभी लोग मिलकर यह सामूहिक कसम खाएं कि आज के बाद से हम किसी को डायरेक्ट गधा नहीं कहेंगे 😀😀😀😀
पिछले वर्ष हास्य व्यंग्य वार्षिकी में प्रकाशित व्यंग्य "गधा"✍️✍️✍️✍️
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