Thursday, 1 August 2024

(वे हमे सावन में मिली थी)

(वे हमे सावन मे मिली थी)
पहली मर्तबा हमे-वे सावन मे मिली थी,,
मै तर-ब-तर भीगा था,वे तर-ब-तर भीगी थी।
पहली मर्तबा हमे वे सावन मे मिली थी।
उफ!वे बरगद का पेड़ आज भी,,,,,,,,
मेरी ज़ेहन मे ज्यो का त्यो है-------
क्योकि मै भी वही खड़ा था और वे भी वही खड़ी थी।
पहली मर्तबा हमे वे सावन मे मिली थी।
मै खामोश न रहा,मेरे सामने गज़ल थी,,,,.
वे शर्म से सिमटी रही------
और मै बेधड़क कहता रहा,,,,,,,,,,,,,,,,,,
शायद मेरी ज़ूबां मे ही-----------
उसको अपनी ज़ूबा मिली थी।
पहली मर्तबा हमे वे सावन मे मिली थी।
ऐ,रंग------फिर थमी बारिश़--------
फिर अगले सावन मे हमे--------
वे पत्नी बन मिली थी।
पहली मर्तबा हमे वे सावन मे मिली थी।

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