मैं ––
ओलंपिक में जुनू ले आई
मुझे गर्भ में मारने वालों
अब मत मारना.
मैं ––
सिर्फ मेडल नही बल्कि
हंसती खिलखिलाती
ना जाने कितनी "आंगन कि
मनु ले आई."
अब
नंबर तुम्हारा है
ऐ देश के बेटो !
उठो!आगे बढ़ो!
और इस बहन को उपहार दो ,
जो––
रक्षाबंधन से पहले
अनगिनत कलाइयों
के लिए
राखी
मनु ले आई.
रंगनाथ द्विवेदी
जज कॉलोनी,मियांपुर
जौनपुर (U P)
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