Monday, 12 August 2024

(मोहब्बत लिखूं)

बांग्लादेश के वर्तमान हालात पर लिखी एक रचना-------(मोहब्बत लिखूं)

मैं बांग्लादेश के 
किस जलती हुई लाश पर मोहब्बत लिखूं?
मेरे भारत के गूंगे लोग,, 
बोलो !
"जम्हूरियत वहां से जान बचा के आई है."
उसके खून के आंसू 
कैसे सूखेंगे ?
कौन सुनेगा वहा 
मैं किसकी "अरदास पर मोहब्बत लिखूं ?"
मैं मानता हूं कि –
यह मौत धर्म या मजहब की नहीं  
इंसान की है 
लेकिन मैं वहां किसकी 
"आखरी सांस पर मोहब्बत लिखूं ?"
एक मुल्क की 
जम्हूरियत 
सवालों के घेरे में है 
वहा दीन,ईमान,मस्जिद
सब पर 
एक डर काबिज है
आखिर मैं किस चोट 
"और किस खराश पर मोहब्बत लिखूं ?"

यह रचना मेरी स्वरचित और अप्रकाशित है बिना अनुमति के इस रचना को कही शेयर ना करे.

रचनाकार--रंगनाथ द्विवेदी 
जज कॉलोनी,मियांपुर 
जिला--जौनपुर 222002 (U P)

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