Tuesday, 6 August 2024

(शामे अजान हूं)

(शामे अज़ान हूँ)

मै शब्दो का हिन्दू,
तो हर्फो का मूसलमान हूँ,,
मेरी कौम अलग है,
मै बट नही सकता-
कवि हूँ तो सुबहे आरती,
गर शायर हूँ तो-
ऐ,"रंग"
मै शामे अज़ान हूँ।

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