Rangnath Dubey's Poems
Monday, 26 August 2024
(देह व्यापार करती है)
(देह व्यापार करती है)
मजबूरी उसकी,
उसको,तार-तार करती है.
कोई उसे
औरत नही कहता,
क्योंकि ऐ,"रंग"
वे शहर मे-
देह ब्यापार करती है.
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