उफ!
थम नहीं रहा,
हमारे देश में
राजनीतिक रेप,
किसी मजलूम लड़की
के घाव के निशान
को ये
कई-कई बार देखते है
क्योंकि इन्हे,
लड़की के घावों से
विधानसभा के जीत की कुर्सी
अपनी जीभ
लप लपाती हुई दिखती है
हर नेता--
शायद इसीलिए चाहता है कि
होता रहे,
मासूम और मजलूम,
लड़कियो का रेप
यही,
कमोबेश मीडिया भी
अपनी लोकप्रियता के,
टी आर पी का कैमरा लिए,
बार-बार ब्रेकिंग न्यूज़,
का ढ़िढोरा पीट,
उस लड़की का मसालेदार बयान,
उसके फटे कपड़े,
ब्रा और टेप,
को धुंधला दिखाकर
कर रहा
अपनी पत्रकारिता के नाम पर
"रेप."
यह रचना मेरी स्वलिखित व अप्रकाशित है.
रचनाकार----रंगनाथ द्विवेदी
जज कॉलोनी, मियांपुर
जिला--जौनपुर (U P )
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