Rangnath Dubey's Poems
Wednesday, 30 October 2024
व्यंग्य
✍️एक तथाकथित लेखक ने मासिक पत्रिका में छपने की लालसा के वशीभूत होकर उस पत्रिका को “महा ग्रंथ” लिख दिया.बस गनीमत इतनी थी कि, उन्होंने संपादक को “महर्षि व्यास” नहीं लिखा.😃😃😃😃
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