Rangnath Dubey's Poems
Monday, 14 October 2024
(शेर)
✍️✍️ आड़े-तिरछे उबड़-खाबड़ पत्थरों की ओट में लिपट के लौटते हैं पति-पत्नी,,, उफ़!क्या करे आठ लोगों की बैठी चाल में मोहब्बत नहीं होती 😢😢
मुंबई का एक सच यह भी
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