बाॅलीवुड----------
नरगिस और राज कपुर का अलगाव है,
गुरुदत्त की ख़ुदकुशी है,
तो घुट-घुट के दुनिया से विदा हुई------
मीना कुमारी के सीने का घाव है।
बाॅलीवुड----------
आँसू और ड्रामा है ,
ये उस काका के आनंद का किरदार है,
जो बाबु मोशाय के बाद--------
एक तन्हा कोठरी में तड़पता और घुटता है,
सच बॉलीवुड-----------
एक शराबी
की पिड़ाओ का गैंग्रीनी पाँव है।
बाॅलीवुड----------
वे परवीन बाॅबी है जिसे कई महेश भट्ट ने चाहा मगर,
उसे तन्हा छोड़ दिया!
वे डिप्रेस्ड बंद कमरे में छ दिनो तलक,
मरी पड़ी रही बीना किसी वारिस के,
सच तो ये है कि बाॅलीवुड-------
औरत की अधुरी ख्वा़हिशो की घुटन,
और एक बेवा बिखराव है।
@@@रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जिला--जौनपुर पिन नं--222002 (उत्तर-प्रदेश).
mo.no.----7800824758.
यह रचना मेरी स्वरचित व अप्रकाशित है।
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