Rangnath Dubey's Poems
Saturday, 12 October 2024
(शहनाई कलाकार)
(शहनाई कलाकार)
खुशी मे-
वे हँसा देता था,कई बार।
गम मे-
वे रूला देता था,कई बार।
उसकी मौत-
शहनाई की मौत थी,
ऐ रंग,-
वैसा फिर ना हुआ,कोई शहर मे-
शहनाई कलाकार।
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment