Rangnath Dubey's Poems
Saturday, 24 May 2025
(नीला आसमा सो गया है)
(नीला आसमा सो गया है)
वक्त के सानो पे सर रख नही पाई,
ऐ,रंग---------------
इस रेखा की चाहत और ख्व़ाहिशो का भी ,
नीला आसमा सो गया है।
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment