Friday, 9 May 2025

(तिलाक लिखती है)

(तिलाक लिखती है)
जब शौहर ही तोड़ दे,काँच की चुड़ी--
तब ऐ,रंग--------औरत
ऐहसास के कागज़ पे तिलाक लिखती है।

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