Friday, 9 May 2025

(मां के कलेजे की याद आई थी)

कल के मदर्स डे के लिए बधाई-------

(माँ के कलेजे की याद आई थी)

तवायफ के लिये-----------------
एक बेटे ने निकाला था,कभी माँ का कलेजा
उसे राह मे ले जाते वक्त चोट आई थी,
तुम ठिक तो हो बेटे---
माँ के कलेजे से ये आवाज़ आई थी
ऐ,रंग-----तवायफ ने ठुकरा दिया उसे
और खिल-खिलाई थी।
तब कही बेटे को अपने------------
माँ के कलेजे की याद आई थी.

@@@माँ तुम धन्य हो।

रंगनाथ द्विवेदी, 
जौनपुर mo. no. 7800824758

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