इतने जहरीले-------------
साँपो की बस्ती में चले आये!
तुम्हे डस लेंगे।
क्योंकि तुम्हारे खेमें मे--------
अब वे सपेरे नही रहे!
लौट जाओ----------
जब तलक तुम्हारे पास,
एैसे साँपो के जहर की काट गायब है।
कैसे लड़ोगे------------
इस चुनाव के जंगल में,
तुम्ही बताओ-----------
जब तुम्हारी पार्टी से,
ब्राह्मण,मुस्लिम,यादव,दलित और जाट गायब है।
तुम्हारे अपने ही मसखरे हो गये है,
उन्ही के नाते---------------
तुम्हारी योग्यता पर सवाल खड़े हो गये है!
मै पुरी मिडिया पे एक इल्ज़ाम देता हूँ,
जो बोले थे वहाँ राहुल---------
वे पुरी बात गायब है,
बस बार-बार यही दिखाया जा रहा है,
कि जनसभा से नही जैसे एै,रंग-------
पुरे चुनाव से काग्रेस की खाट गायब है।
@@@रचयिता-------रंगनाथ द्विवेदी।
एडवोकेट कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर।
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