Rangnath Dubey's Poems
Monday, 25 September 2023
(पहले गान लिखूं)
(पहले गान लिखूँ)
कब तक जादू ,टोने का मै
अन्धा ज्ञान लिखूँ।
आज तो वे दिन आया है
कि,मै विज्ञान लिखूँ।
चाँद-सितारे,रूप-जवानी बाद की चीजे है,
धन्य! हुये माँ के बेटो का,
पहले गान लिखूँ।
विश्व शिखर होने पर(मंगलयान)-
रंगनाथ दुबे
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