पशु गणना,बाल गणना,मत गणना,
जन गणना,पोलियो
कोरोना वैक्सीन
साहब सब कुबूल है.
डी. एम, एस. ड़ी.एम
एम. डी. एम
अध्यापक बद्हवास
चेहरे पे जमी धुल है.
दिल्ली,लखनऊ
कही से आईए,
ठहरिये!खामी ढुढिए!
हमारी अच्छाई कुचलिए!
अखबार मे निकलवाईए!
क्योंकि
ये सरकारी स्कूल है.
बंद कर दीजिए
फिर देखिए
कैसे प्राइवेट स्कूलों के हाथों
इस देश के
एक तबके की "शिक्षा
मार दी जाएगी"
तुम्हें क्या पता---
तुम्हारे बच्चे तो "सैंडविच" खाते है
वे देखो,
हमारे सरकारी स्कूल के
बच्चे की "मां
का पिचका हुआ पेट"
गवाही दे रहा
कि उसके बच्चे की
आखिरी शिक्षा
यही "सरकारी स्कूल है".
सर्वाधिकार सुरक्षित रचना.
रचनाकार--रंगनाथ द्विवेदी
जज कॉलोनी, मियापुर
जौनपुर 222002 (U P)
mo.no.7800824758
rangnathdubey90@gmail.com
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