आज, दिनांक 28/11/21 के दैनिक अमर-उजाला के साप्ताहिक "हास्यरंजनी " में प्रकाशित मेरा हास्य व्यंग्य जिसकी कटिंग मुझे देश के वरिष्ठ व चर्चित व्यंग्यकार सिंघई सुभाष चंद जैन सर,और देश के सर्वाधिक युवा व चर्चित लेखक मेरे प्रिय भाई पुष्पेंद दीक्षित जी ने भेजा जिसके लिए मैं उन्हें सादर प्रणाम करता हूं.
" मैंने अपने इस व्यंग्य में सर्वाधिक हास्य का प्रयोग किया है ,अतः मेरे द्वारा लिखें गए इस व्यंग्य को बिना किसी भी प्रकार का दिमाग लगाए बस केवल आप अपनी महीनों से रूठी हुई पत्नी को किसी रेस्टोरेंट में प्यार से एक प्लेट गोलगप्पा खिलाएं मेरा दावा है कि आप इसके परिणाम से चौक जाएंगे "😀😀😀😀
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