Saturday, 18 November 2023

(तब्बसूम चली गई)

(तब्बसुम चली गई)

तुम्हें विदा करे उर्दू
या फिर विदा करे हिंदी
लेकिन---
तेरे जाने से
तहज़ीब के होठों से 
"तब्बसुम" चली गई 😥😥😥

रचनाकार--रंगनाथ द्विवेदी 
जनपद--जौनपुर (उत्तर प्रदेश)

"अलविदा तब्बसुम"💐💐💐

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